मेरी मात वैष्णो का ऐसा दरबार निराला है

जम्मू के कटरा में खुले किश्मत का ताला है
मेरी मात वैष्णो का ऐसा दरबार निराला है

किश्मत वालो को ही दर से बुलावो आता है
और बिन मांगे ही उस दर से सब कुछ मिल जाता है
सबके मन को मोहे रूप वो भोला भाला है
मेरी मात वैष्णो का ऐसा दरबार निराला है

जम्मू के कटरा में खुले किश्मत का ताला है
मेरी मात वैष्णो का ऐसा दरबार निराला है

सोना चाँदी बरसे खूब मैया भंडार लुटाये
खाली झोली वाले झोली भर भर के ले जाए

गिरते होऊ को माँ शेरोवाली ने संभाला है
मेरी मात वैष्णो का ऐसा दरबार निराला है

कहे करिश्मा तू भी देख लगाके अर्जी
कितना दे कितना ना दे मैया की मर्जी
मीनू के जीवन में माँ ने किया उजाला है
मेरी मात वैष्णो का ऐसा दरबार निराला है

जम्मू के कटरा में खुले किश्मत का ताला है
मेरी मात वैष्णो का ऐसा दरबार निराला है

This Post Has One Comment

Leave a Reply