मैंने बाला जी को दिल से बुलाया है

मैंने बाला जी को दिल से बुलाया है
बालाजी को दिल से बुलाया
चरणों में शीश झुकाया है
चरणों में शीश झुकाया है।।

मेहँदीपुर की गलियों में जय कारे बाला जी के गूंजे
मैंने चूरमा भोग लगाया है चरणों में शीश जुकाया है
मैंने बाला जी को दिल से बुलाया है।।

भुत पिशात निकट ना आवे जब बाला जी ध्यान लगावे,
संकट मोचन मेरे बाला जी सब के संकट पल में मिटावे,
प्रभु राम सिया मन भाया है चरणों में शीश झुकाया है,
मैंने बाला जी को दिल से बुलाया है।।

देखो ब्रह्म चारि बलधारी बिगड़े काज सब के सवारे,
जो कोई दर पे इनके जावा बाला जी ने भव से तारे
देखो बिटिया प्रियंका ने जा कर बाला जी को सुमन चडाया है,
मैंने बाला जी को दिल से बुलाया है।।

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