मैं हूँ ब्रज का बांका इम्प्रेस तुझे कर जाऊंगा

इम्प्रेस नहीं कर पायेगा,
इम्प्रेस तुझे कर जाऊंगा।।

चाहे तू उंगली पर पर्वत उठा ले,
चाहे तू कालिया नाग नथाले,
मुझको को नन्द का लाल,
मुझको को नन्द का लाल,
इम्प्रेस नहीं कर पायेगा।।

चाहे तू मेरी कंप्लेंट करा दे ,
पुलिस नहीं तू मिलिट्री बुलादे,
मैं हूँ ब्रज का बांका,
मैं हूँ ब्रज का बांका
इम्प्रेस तुझे कर जाऊंगा ।।

असुरो को मार कर मत इतराना,
काम है तेरा गैया चरण ,
मुझको तो आके कोई ,
राज कुमाार वर जाएगा,
मुझको तो राज कुमाार वर जाएगा||

इम्प्रेस नहीं कर पायेगा
इम्प्रेस तुझे कर जाऊंगा।।

होगी तू वृषभानु दुलारी ,
मैं भी तो हूँ कृष्णा मुरारी,
यमुना को करके मैं पार ,
भगा के तुझे ले जाऊंगा।।

भले ही तूने कंस को मारा,
पर तू है राण छोड़ा बेचारा,
ऐसी लगाउंगी मार की ,
जंगल से भाग जायेगा ,

हाँ मैं राण को छोड़ के भगा जोड़ा
तुझ संग प्रेम का धागा ,
प्रेम की डोरी में ये ,
प्रेम की डोरी में ये ,
ओ राधे तुझे बाँध जाऊंगा।।

मैं हूँ गोरी और तू है काला,
अपना मेल नहीं होने वाला ,
आना ना यमुना के पार ,
नहीं तो पछतायेगा।।

मैं हूँ कला सुन राधे राधे ,
मुझ काले की दुनिया दीवानी,
चन्दन काले रंग में ,
ओ राधे रानी तुझे रंग जाऊंगा।।

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