मैया यशोदा नज़रे उतारे

मैया यशोदा नज़रे उतारे
लल्ला को जी भर अपने निहारे
कहती वो लेकर बलाइयां
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैया
मैया यशोदा नज़रे उतारे ……….

मोठे मोठे नैन से देख के मोहे लल्ला मेरा जब मुस्काये
इसकी प्यारी प्यारी अदा पे बलिहारी ये मैया जाए
पालने को इसके मैया झुलाती लल्ला को मीठी मीठी लोरी सुनाती
नैनो में आ जा ऋ निंदिया
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैया
मैया यशोदा नज़रे उतारे ……….

कहती सखियाँ ब्रज की मो से नटखट है बड़ा तेरा लाल
इसके आते फैला ब्रिज में देखो चारों और उजाला
सारे बिराज में धूम मची है गोकुल नगरी खूब सजी है
नन्द बाबा बांटे मिठाईया
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैया
मैया यशोदा नज़रे उतारे ……….

तू तो लल्ला चाँद का टुकड़ा प्राणो से मुझको प्यारा है
तुझसे रोशन मेरा जीवन मेरी आँख का तू तारा है
सूनी थी ये महल अटारी गूंजी तेरी जो किल्कारी
धन्य हुई कुंदन ये मैया
मेरा जुग जुग जीवे कन्हैया
मैया यशोदा नज़रे उतारे ……….

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