मैया री मैं तो वृन्दावन चली जाऊंगी पर भजन श्याम के गाऊँगी

मैया री मैं तो वृन्दावन चली जाऊंगी,
पर भजन श्याम के गाऊँगी
मैया री मैं तो वृन्दावन चली जाऊंगी,
पर भजन श्याम के गाऊँगी।।

अरी ना भावे मुझे, महल दुमहले
अरी ना भावे मुझे, महल दुमहले
ना चाहिए मुझे, शाल दुशाले
ना चाहिए मुझे, शाल दुशाले
मैया री मैं तो, कुटिया में रह जाउंगी,
पर भजन, श्याम के गाऊँगी
मैया री मैं तो, वृन्दावन चली जाऊंगी।।

यमना जी से, जल भर लाऊँ
चौकी चन्दन, की बनवाऊँ
श्याम का मल मल, कमर मिलाऊँगी,
पर भजन, श्याम के गाऊँगी,
मैया री मैं तो, वृन्दावन चली जाऊंगी।।

प्यारी गौरी सी, इक पालूँ गईयाँ
रोज बनाऊँ, दूध और दहियाँ
श्याम को, माखन भोग लगाऊँगी,
पर भजन, श्याम के गाऊँगी,
मैया री मैं तो, वृन्दावन चली जाऊंगी।।

पतली पतली, पोऊँ फुलकिया
फेर बुला लऊँ, सारी सखियाँ
मैया री मैं तो, पंखा झोल घुमाऊँगी,
पर भजन, श्याम के गाऊँगी,
मैया री मैं तो, वृन्दावन चली जाऊंगी।।

चुन चुन फूल, कमल के लाऊँ
फिर कान्हां की, सेज लगाऊँ
मैया री मैं तो, धीरे धीरे चरण दबाऊँगी,
पर भजन, श्याम के गाऊँगी,
मैया री मैं तो, वृन्दावन चली जाऊंगी।।

घिस घिस चन्दन, तिलक लगाऊँ
मन में श्याम की, सूरत बसाऊँ
मैया री मैं तो, भव सागर तर जाऊँगी,
पर भजन, श्याम के गाऊँगी,
मैया री मैं तो, वृन्दावन चली जाऊँगी,
पर भजन श्याम के गाऊँगी ।।

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