मोरे श्याम तुम बिन लागे ना जिया

मोरे श्याम तुम बिन लागे ना जिया लागे ना जिया लागे न
तेरी प्रीत में मेरी जीत रे मोरे श्याम रे
अँखियो की प्यास बुझदियो थाम लो विराजियो
मोरे दिल में अब तो विराजियो।।

ब्रिज के दुलारे श्याम रे कन्हैया लाल
जल भी ना भाये बिन तेरे निंदिया ना आये बिन तेरे
मोहे दरश दो विराजियो दिल में विराजियो
अँखियो में तू सपनो में तू
मेरे जिस्म में मेरी रूह में।।

मोरे श्याम तुम बिन लागे ना जिया लागे ना जिया लागे ना
तेरी प्रीत में मेरी जीत रे मोरे श्याम रे
अँखियो की प्यास बुझदियो ध्यान लो विराजियो
मोरे दिल में अब तो विराजियो।।

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