म्हारी कश्ती ने बाला अब पार कर दे

लाज रख ले तू आके बलकरिया
म्हारी कश्ती ने बाला अब पार कर दे
हाथ जोड़े से भगत हाथ जोड़े से
इब सुन ले तू म्हारी किलकारिया
म्हारी कश्ती ने बाला अब पार कर दे।।

भुत प्रेत बाबा घेरे खड़े से
कष्ट कलेश म्हारे सिर पड़े से
नईया भवरा में फसी मन ढोले से
रे थारे चरना में अर्ज गुजारिया
म्हारी कश्ती ने बाला अब पार कर दे

बाला थारे चरना में हार आये से
सवा मणि भेट थारी आज लाये से,
इब खोल दे बूहे दरबार के
तेरे नाम दिया चडीआ खुमारिया
म्हारी कश्ती ने बाला अब पार कर दे।।

चेहल दीवाना तने याद करे से
आके तेरे चरना में सिर धारे से
आके अलख जगावे दरबार पे
सारी काट देवे दुःख ते बिमारिया

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