यूं ना ब्याह पकड़ मेरी सँवारे

यूं ना ब्याह पकड़ मेरी सँवारे,
मुझे दुनिया ताने मारेगी,
मेरी नर्म कलाई सँवारे,
कैसे इतना जोर सहारेगी,
यूं ना ब्याह पकड़ मेरी सँवारे,
मुझे दुनिया ताने मारेगी।।

तेरी मुरली सुनके आयी थी ,
जब तूने मधुर सुनाई थी,
मैं रोक सकीय न खुद को,
खींची तेरी धुन पे आयी थी,
तेरी मुरली बैरन कबतक यूं ,
हम पर जादू डालेगी।।

यूं ना ब्याह पकड़ मेरी सँवारे,
मुझे दुनिया ताने मारेगी।।

मुझे सुबह से शाम हुई कान्हा,
अब हठ छोडो और जाने दो,
मैं तो जोर लगा कर हार गयी,
मेरी विनती है अगर माने तो
अगर देर हुए मुझे मेरी मैया मारेगी,
यूं ना ब्याह पकड़ मेरी सँवारे,
मुझे दुनिया ताने मारेगी।।

मेरे सँवारे माहि वादा है ,
कल माखन लेकर आउंगी,
तेरी मुरली बिन मैं पल भी चैन न पाऊँगी,
तुझे देखे बिन मेरे मोहन,
जाने कैसे रेन गुजरूंगी।।

यूं ना ब्याह पकड़ मेरी सँवारे,
मुझे दुनिया ताने मारेगी।।

सिंगर – विक्रम राठौड़ जी।

Meri Yun Naa Baah
Pakad Meri Sanware
mujhe Duniya Taane Maaregi

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