ये तेरी एक नज़र का है मेरे श्याम असर

ये तेरी एक नज़र का है मेरे श्याम असर
मौज से होता बसर मेरे श्याम

दिल की बातें मेरी होंठों ने कही
ज़िन्दगी में कोई कमी ना रही
करता तू मेरी फिकर रहता हूँ बेफिकर
मौज से होता बसर मेरे श्याम
ये तेरी एक नज़र————–

जो न सोचा था मुझे तूने दिया
मैंने हर पल तुम्हारा शुक्र किया
यूँ ही रखना मुझ पर सांवरे अपनी महर
मौज से होता बसर मेरे श्याम
ये तेरी एक नज़र————–

अब ना रहता हूँ कभी मैं गुमसुम
ज़िन्दगी बन गए जबसे मेरी तुम
भटका कुंदन दर दर अब हुआ ख़त्म सफर
मौज से होता बसर मेरे श्याम
ये तेरी एक नज़र————

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