राधा तेरे प्यार में पागल कान्हा तू नजरे न चुरा

राधा तेरे प्यार में पागल कान्हा तू नजरे न चुरा
इक नजर तू देख ले मुझको ऐसे न मुझका तडपा।।

प्रेम दीवानी हु मैं तेरी आगे पीछे ढोलू तेरे
और तू मुझसे एसे भागे करता है नखरे तू बड़े,
छोड़ दे कान्हा हसी ठिठोली करले मुझसे बात जरा
इक नजर तू देख ले मुझको ऐसे न मुझका तडपा।।

तेरी बाते सोच सोच के मन ही मन मुस्काऊ मैं
प्रीत लगी हिया तुमसे कान्हा कैसे तुम्हे समजाऊ मैं
तेरे रंग में रंग मैं गई हु कैसे ये उतरेगा भला
इक नजर तू देख ले मुझको ऐसे न मुझका तडपा।।

जग वाली की फिकर नही है स्नेह मेरा तुम से लगा
प्यार का बंधन बंधेगा ऐसा तोड़ेगा इसे कोई क्या ,
तेरे नाम से पेहले लेगी दुनिया कहेगी राधे श्याम
इक नजर तू देख ले मुझको ऐसे न मुझका तडपा।।

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