लाड़ली के चरण कोमल माखन से भी प्यारें

लाड़ली के चरण कोमल माखन से भी प्यारें
इनकी देखें शरण बीते जीवन इन्हीं के सहारे।।

ललिता के जीवन विशाखा के प्राण तुंगविद्या चित्रा करें जिनका ध्यान,
चम्पकलता इन्दुलेखा रटे सुदेवी रंगदेवी करें जिनका गान,
सों तों नंद नंदन मनमोहन के नयनों कें तारें ।।

दउ कोर चरण महावर रचें इन में स्वर्ण के नूपूर सजें,
सखिन मंजरी को सेवित सदा रसिक जन जिन्हें रैन दिन ही भजें,
प्यारों श्री वृन्दावन जिनकों हृदय पे अपने हैं धारें।।

ऐसी घडी प्यारी कब आवेंगी चरणों की सेवा जो मिल पावेंगी,
नित्य नयन हों निरख माधुरी दासी तुम्हारों सुयश गावेंगी,
लीला दर्शन सों तो कर कर सरम सुहाने।।

जिसने भी इनका सहारा लिया समझो की ‌‌‍‌त्रिलोक उसका हुआ,
उसकी तो बिगड़ी बने आप ही जिसको किशोरी ने पहना लिया,
बावरें मेंरें मन तु भी इन्हीं का ध्यान लगारें।।

नाजानें मुझ पर कृपा हो गी कब महलों में अपने बसाए की कब,
प्रिया लाल जू के प्यारे चरण मोसे पतित को दिखाए डे कब,
गौरदास मगन इन की करूणा की बाट निहारें।।

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