वाह वाह गुरु वाह वाह गुरु

की वडियाईयाँ तेरियां मेरे सतगुरु जी ओ,
की वडियाईयाँ तेरियां मेरे सतगुरु जी ओ,

पीरा दा महापीर तू हैं फक्कर अव्वल फ़कीर तू है,
हाँसा वी तू, नीर तू है रूह दा असल शरीर तू है,
सब बहना दा वीर तू है शुरू वी तू आखिर तू है,
वाह गुरु वाह गुरु वाह वाह गुरु,
वाह वाह गुरु वाह वाह गुरु,
वाह वाह गुरु वाह वाह गुरु।।

रुक्ख वी तेरे पत्ते तेरे महल ए सारे ही छत्ते तेरे,
फ़िक्के तेरे रत्ते तेरे रंग ए सारे कत्ते तेरे,
तू कण कण विच कण कण तेरा,
सत् ही सुर ने सत् ने तेरे,
वाह वाह गुरु वाह वाह गुरु,
वाह वाह गुरु वाह वाह गुरु।।

हर तन नूं वस्त्र बाणे देंदा भुल्ल सबना दी जाने दिंदा,
हर तन नूं वस्त्र बाणे देंदा भुल्ल सबना दी जाने दिंदा,
की गांवा तेरी महिमा सतगुरु हरेक चुंज नूं दाणे देंदा,
पक्के तेरे कच्चे तेरे झूठे तेरे सच्चे तेरे,
सानूं पार लंघा दो सतगुरु अस्सी अनजान बच्चे तेरे,
वाह वाह गुरु वाह वाह गुरु,
वाह वाह गुरु वाह वाह गुरु।।

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