वृन्दावन आने को जी ललचाता है

वृन्दावन आने को जी ललचाता है,
देख के तेरी संवरी सूरत दिल खो जाता है,
ना जाने सांवरिया क्या हो जाता है,
देख के तेरी संवरी सूरत दिल खो जाता है,
वृन्दावन आने को जी ललचाता है ।।

कजरारे नैना मुस्कान प्यारी
हाथ मुरलिया जाऊ बलिहारी
आया हूँ जबसे कृष्णा मुरारी
खो सा गया हूँ मैं तो गिरधारी।।

ये तेरा भोला पन घायल कर जाता है
देख के तेरी संवरी सूरत दिल खो जाता है
वृन्दावन आने को।।

रास रचाये मधुबन में भारी
राधा संग नाचे कुञ्ज बिहारी
मुरली की धुन पे झूमे नर नारी
दीवाना कर दिया मोहन मुरारी।।

भक्तो पर सांवरिया प्यार लुटाता है
देख के तेरी संवरी सूरत दिल खो जाता है
वृन्दावन आने को।।

मोहनी सूरत श्याम तुम्हारी
राधा संग कान्हा प्रीत तुम्हारी
राधे राधे जापे बिहारी
राधे राधे जापे बिहारी
नागर के मन को तो वृन्दावन भाता है
देख के तेरी सांवली सूरत दिल खो जाता है
वृन्दावन आने को जी ललचाता है ।।

देख के तेरी संवरी सूरत दिल खो जाता है,
वृन्दावन आने को जी ललचाता है ।।

ना जाने सांवरिया क्या हो जाता है
देख के तेरी संवरी सूरत दिल खो जाता है,
वृन्दावन आने को जी ललचाता है ।।

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