वृन्दावन के ओ बांके बिहारी

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी बल्लभम ।।

कौन कहता हे भगवान आते नहीं,
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं ।।

म्हारो सांवरियो सरकार
म्हाने और जगत से क्या लेना
थारी आस लागौं हरपाल तुम्हे बुलाऊ
थारे दर्शन पाके अपने भाग्य जगाउ
म्हारा तुहि है भरतार म्हारो सांवरियो सरकार
म्हाने और जगत से क्या लेना।।

हम तुम्हारे पराये नहीं है गैर के दर पे आये नहीं है
हम तुम्हारे पुराने पुजारी हम से पर्दा करो ना मुरारी
वृन्दावन के ओ बांके बिहारी हम से पर्दा करो ना मुरारी।।

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