श्याम तेरे नैना कारे रे कजरारे

कानो में कुण्डल सोहे अधरों पे मुस्कान
छेड़े जब मुरलिया श्याम लगते बड़े कमाल है
कर सोलह श्रृंगार देखो कितनी प्यारी मुस्कान है।।

श्याम तेरे नैना कारे रे कजरारे
कारे कजरारे ये नैना बड़े प्यारे,
नैना बड़े प्यारे कारे रे कजरारे,
श्याम तेरे नैना कारे रे कजरारे।।

शीश मुकट गल वेज्य्नती माला है
उसपे कमाल कर लट घुंगराले,
श्याम तेरे नैना कारे रे कजरारे।।

कानो में कुंडल सोहे अधारो पे मुस्कान है,
छेड़े जब मुरलिया तो लगते है प्यारे,
श्याम तेरे नैना कारे रे कजरारे।।

पीला है पितामभर पैरो में पैजनिया,
कर सोलहां शिंगार देखो श्याम लगे प्यारे,
श्याम तेरे नैना कारे रे कजरारे।।

श्याम की छवि का जो भी दर्शन है पाए
उस के मनोरथ पुरे हो जाए
करते दया है मेरे श्याम मतवाले
श्याम तेरे नैना कारे रे कजरारे।।

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