सतगुरु सब कुछ तेरे हाथ मेरा आज भी तेरा हाथ

सतगुरु सब कुछ तेरे हाथ मेरा आज भी तेरा हाथ
मेरा कल भी तेरे हाथ प्रभु जी रखियो मेरी लाज
मेरी आन भी तेरे हाथ मेरी शान भी तेरे हाथ
सतगुरु सब कुछ तेरे हाथ मेरा आज भी तेरा हाथ।।

तू चाहे तो भर दे मेरे जीवन में संगीत मेरे,
तू चाहे तो गूंजे हर पल खुशियों के ही गीत हर पल
हर साझ भी तेरे हाथ हर सुर भी तेरे हाथ
सतगुरु सब कुछ तेरे हाथ मेरा आज भी तेरा हाथ।।

अपनी जुबा से क्या मैं मांगू सब कुछ जाने तू
मेरे दिल की हर धड़कन में रोम रोम में तू
हर आस भी तेरे हाथ और मुराद भी तेरे हाथ
सतगुरु सब कुछ तेरे हाथ मेरा आज भी तेरा हाथ।।

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