सांझ ढलान को आयी आबहु नहीं आये कन्हाई

सांझ ढलान को आयी आबहु नहीं आये कन्हाई,
जीवन लो थार तराई आबहु नहीं आये कन्हाई,
सांझ ढलान को आयी आबहु नहीं आये कन्हाई।।

तेरी याद में पल पल रोऊ मुख असुअन से मल मल धोऊ,
मेरी हुई जग हसाई आबहु नहीं आये कन्हाई,
सांझ ढलान को आयी आबहु नहीं आये कन्हाई।।

सुनकर तेरी दया की गाथा तेरे दर पर टिक गया माथा,
सुनकर तेरी दया की गाथा तेरे दर पर टिक गया माथा,
काहे देर लगायी अबहु नहीं आये कन्हाई,
सांझ ढलान को आयी आबहु नहीं आये कन्हाई।।

दीवानो में नाम लिख लीजो सुंदरलाल को शरण रख लीजो,
दीवानो में नाम लिख लीजो सुंदरलाल को शरण रख लीजो,
तुहि एक साहाई अबहु नहीं आये कन्हाई,
सांझ ढलान को आयी आबहु नहीं आये कन्हाई।।

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