सृष्टि तके सारी राह प्रभु धरती आना कब होगा

सृष्टि तके सारी राह प्रभु,
धरती आना कब होगा,
इस पथ से भटकती दुनिया को,
इस पथ से भटकती दुनिया को,
प्रभु राह दिखाना कब होगा,
प्रभु राह दिखाना कब होगा।।

केवट आँखों में नीर भरे,
गंगा तट देखे बात तेरी,
उस भोले भाले भक्त से फिर,
प्रभु चरण धुलना कब होगा,
सृष्टि ताके सारी राह प्रभु,
धरती आना कब होगा।।

बनकर अहिल्या हर पत्थर,
प्रभु राह ताके बैठे बैठा,
उन जादू भरे चरणों का प्रभु,
वो श्पर्श कराना कब होगा,
सृष्टि ताके सारी राह प्रभु,
धरती आना कब होगा।।

सरयू जो प्रभु नित करती थी,
तेरे स्पर्श पावन चरणों का,
उस बूढी हो चुकी सरयू के,
आँचल में नहाना कब होगा,
सृष्टि ताके सारी राह प्रभु,
धरती आना कब होगा।।

सृष्टि तके सारी राह प्रभु,
धरती आना कब होगा,
इस पथ से भटकती दुनिया को,
इस पथ से भटकती दुनिया को,
प्रभु राह दिखाना कब होगा,
प्रभु राह दिखाना कब होगा।।

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