हरपल दर्शन री आस टूट्या कर्मारा बन्धन है

हरपल दर्शन री आस टूट्या कर्मारा बन्धन है,
थाने देख्या लागे आज घुल ग्या केसर चन्दन है ।।

ये किरपा री निजरां आ ममता री छाया,
गुरुदर्शन रा ख़ातिर म्हां चरने आया,
आज पुरी हुई ये आस खिल्यो मनरो मधुबन है,
थाने देख्या लागे आज घुल ग्या केसर चन्दन है।।

पुनवानी म्हा सबरी एसी गुरुमा पाई,
समता शान्ती दाता सब रावन भाई,
जिन मुरत ने देखा हुयो जीवन धन धन है,
थाने देख्या लागे आज घुल ग्या केसर चन्दन है।।

विमलविद्या मन्डल तो भक्ती लेकर आया,
गुरु कीरपा रा कारण म्हा सगळा यश पावा,
थाका द्वार मन्डल तो भक्ती रो सावन है,
थाने देख्या लागे आज घुल ग्या केसर चन्दन है।।

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