हृदय हनुमान जी का अवध का धाम है

धन्य अवध सरयू सरित
धन्य सुबह और शाम
धन्य अवध जीवन सकल
धन्य अयोध्या धाम।।

जय राम भक्त हनुमान जय पवन पुत्र हनुमान
जय राम भक्त हनुमान जय पवन पुत्र हनुमान।।

हृदय हनुमान जी का अवध का धाम है
करते निवास जहाँ श्री सीता राम है।।

जय राम भक्त हनुमान जय पवन पुत्र हनुमान
जय राम भक्त हनुमान जय पवन पुत्र हनुमान।।

राम भक्ति क्या होती सबको बताये थे
ह्रदय चीर के जग को राम दिख लाये थे।।

श्री सीता राम तन पर सजाये थे
हनुमत की मूरत जहाँ वही श्री धाम है
करते निवास जहाँ श्री सीता राम है।।

राम नाम मंत्र का अर्थ बतलाये थे
पत्थरो पे राम लिख कर सेतु को बनाये थे
सागर पे तेरे पत्थर जग को दिखाए थे
जपते है हनुमान जिसको तारण वही नाम
करते निवास जहाँ श्री सीता राम है।।

बने हनुमान मेरे सकल तेज धारी
अंतर आत्मा में जबसे राम ज्योति जागी
जिधर मुख करती होती उनकी जय जयकार है
राम नाम दुपट्टा तन पे आठो याम है
करते निवास जहाँ श्री सीता राम है।।

हृदय हनुमान जी का अवध का धाम है
करते निवास जहाँ श्री सीता राम है।।

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