हे गणपति तुझको सादर प्रणाम

जो पूजन में प्रथम तुझे ध्याएं,
गणनायक तू ही बिगड़ी बनाएं।।

हे गणपति तुझको सादर प्रणाम,
मुझको भी है तुमको पड़ गया है काम,
दूर करो सब कष्ट हमारे,
जग में तुम्हारा है बड़ा नाम।।

हे गणपति तुझको सादर प्रणाम
मुझको भी है तुमको पड़ गया है काम,
दूर करो सब कष्ट हमारे,
जग में तुम्हारा है बड़ा नाम,
हे गणपति तुझको सादर प्रणाम,
मुझको भी है तुमको पड़ गया है काम।।

आप जैसा कोई भी दयालू नहीं,
देवा सबको हो जग में सहारा तुम्हीं,
देवा सबको हो जग में सहारा तुम्हीं,
विघ्नहर्ता हो तुम शुभकर्ता हो तुम,
डूबती नैया का हो, किनारा तुम्हीं,
चमत्कार ये मुझपे कर दो,
लग जाए कष्टों पे विराम,
हे गणपति तुझको सादर प्रणाम,
मुझको भी है तुमको पड़ गया है काम।

जो भी आएगा देवा तेरे द्वारे पे,
दुखों का नाश कर लेते पीड़ाएँ हर,
जो भी आता शरण जग से हार कर,
मैं भी सताया हूँ इस जग की,
आन पड़ी हूँ तुम्हारे धाम,
हे गणपति तुझको सादर प्रणाम,
मुझको भी है तुमको पड़ गया है काम।।

मन में है आस ये और ये विश्वाश ये,
काज पुरण करोगे हमारे सभी,
हमने सब से सुना रोने वाले यहाँ,
मुस्कुराने लगे तेरे द्वार पे सभी,
पाप मुक्त शिव नंदन कर दो,
होने लगी जीवन की शाम,
हे गणपति तुझको सादर प्रणाम,
मुझको भी है तुमको पड़ गया है काम।।

दूर करो सब कष्ट हमारे,
जग में तुम्हारा है बड़ा नाम,
हे गणपति तुझको सादर प्रणाम,
मुझको भी है तुमको पड़ गया है काम ।।

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