हे श्याम मुझे अपना ले

हे श्याम मुझे अपना ले
दुनिया ये दो बूँद नही
पर तूही सागर लगता है।।

हे श्याम मुझे अपना ले दुनिया से डर लगता है
दुनिया यह दो बूंद नहीं बस तू ही सागर लगता है॥

जब से आया इस दुनिया में लगे न कोई अपना
एक तुम ही हो मेरे गिरधर लगे जगत यह सपना,
ये दुनिया विरानी बस्ती तू अपना घर लगता है।।

करुणा के सागर तुम हो , भक्तों के तुम भयहारी
सुखकर्ता हो दुखहर्ता हो सबके तुम हितकारी,
तेरा पावन प्रेम जगत में मर के अमर लगता है।।

छल ही छल है इस दुनिया में एक तुम ही तो निश्छल हो
भक्तों की प्यास बुझाते एक तुम ही अमृत जल हो,
उद्धार करो मेरे प्रभु जी यह तन मन तुझ में लगता है।।

Hey Shyam Mujhe Apna Le
Duniya Ye Do Boond Nahi
Per Tuhi Sagar Lagta Hai

Hey Shyam Mujhe Apna Le
Duniya Ye Do Boond Nahi
Per Tuhi Sagar Lagta Hai

Hey Shyam Mujhe Apna Le

Jab Se Aaya Iss Duniya Mein
Lage Naa Koi Apna

Ek Tumhi Ho Mere Girdhar
Lage Jagat Ye Sapna

Ye Duniya Virani Basti
Tu Apna Ghar Lagta Hai

Hey Shyam Mujhe Apna Le

Chhal Hi Chhal Hai Iss Duniya Mein
Ek Tumhi To Nishchhal Mein

Bhakto Ki Pyas Bujhate
Ek Tumhi Amrat Jal Ho
Uddhar Karo Mere Prabhuji
Ye Tan Mann Tujhme Lagta Hai

Hey Shyam Mujhe Apna Le
Duniya Se Darr Lagta Hai

Hey Shyam Mujhe Apna Le
Duniya Ye Do Boond Nahi
Per Tuhi Sagar Lagta Hai
Hey Shyam Mujhe Apna Le

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