जो बीत गये वो पल दुबारा नही आते

जो बीत गये वो पल दुबारा नही आते

जो बीत गया वो पल दुबारा नही आते,
आते है नये दौर पुराने नही आते।।

जो बीत गए है वो जमाने नहीं आते,
आते है नए लोग पुराने नहीं आते।।

लकड़ी के मकानो में चिरागो को ना रखिये,
ये आग पडोसी भी बुझाने नहीं आते,
ये आग पडोसी भी बुझाने नहीं आते।।

मुद्दत के इस पेड़ की हर शाख है सूखी
पंछी भी वह शोर मचाने नहीं आते
पंछी भी वह शोर मचाने नहीं आते।।


जो बीत गए है वो जमाने नहीं आते,
आते है नए लोग पुराने नहीं आते।।

ऊँचे से खंडरो में एक घर था हमारा
बच्चे भी वह सोर मचने नहीं आते
बच्चे भी वह सोर मचने नहीं आते।।

ये इश्क़ की मंजिल है चलना संभलके
उड़ते हुए होश ठिकाने नहीं आते
उड़ते हुए होश ठिकाने नहीं आते।।

जो बीत गए है वो जमाने नहीं आते,
आते है नए लोग पुराने नहीं आते।।

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