aaye darshan karn pujaari

आए दर्शन कर्ण पुजारी खोल बूहे मंदिरा दे,
दे दे दर्शन जय हो गणपति इक वारि,
खोल बूहे मंदिरा दे,
आए दर्शन कर्ण ….

इक दो नही कई भगत हजारा ने,
बन के खलोते तेरे दर ते कतारा ने,
तेरी महिमा जाओ हो बड़ी है न्यारी,
खोल बूहे मंदिरा दे,
आए दर्शन कर्ण ….

आंव्दे फ़कीर तेरी दीद दे प्यासे ने,
तन उते लीरा फड़े हथ विच कासे ने,
खैर पा दे प्रभु जय हो मैं हा दुखयारी,
खोल बूहे मंदिरा दे,
आए दर्शन कर्ण ….

न्च्दे गाउंदे भगत दर तेरे आउंदे ने,
लड्डू पेडे मेवा मनी भेट च्दाउनदे ने,
असा वेखनी ऐ जय हो मुसे दी सवारी,
खोल बूहे मंदिरा दे,
आए दर्शन कर्ण ….

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