ab to darsh dikha shyam ji chod ke sari moh maya tere dar pe aan pada

अब तो दर्श दिखा श्याम जी,
छोड़ के सारी मोह माया तेरे दर पे आन पड़ा,
अब तो दर्श दिखा श्याम जी,

सावन बिता भादो बिता फागण की आस लगाई,
मेरी बारी खाटू वाले काहे देर लगाई,
अखियां थक गई आस में तेरी आके धीर बंधा ,
अब तो दर्श दिखा श्याम जी…….

थारी पूजा घर घर होती चर्चा बहुत है थारा,
उसकी अर्जी सुन लेते हो जिसने तुझे पुकारा,
माह से कुन सी गलती हो गई दे रहो है सजा,
अब तो दर्श दिखा श्याम जी…….

जग में सुनिया खाटू माहि लागियो मेलो बाहरी,
हर मेरी अड़चन बीच में आ गई जब मैंने करि तयारी,
ऐसे खेल तू रच देते हो कोई तो होगी वजह,
अब तो दर्श दिखा श्याम जी…..

देख कथे बेहक ना जाये दास तेरो परवाना,
तेरी बाती उडीक रहे हो पागल कहे जमाना,
भूल चूक शमा तू करदे हिवड़े महने लगा,
अब तो दर्श दिखा श्याम जी,

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