arji yahi hai meri rakhna sda tu mera dhyan maa ambe maa durge maa

अर्जी यही है मेरी रखना सदा तू मेरा ध्यान माँ अम्बे माँ दुर्गे माँ,
अपना बनाये रखना,
तू मेरी आन रखना,
बनाये शान रखना सदा तू वैरो से बचाये रखना,
ये ज़िंदगी मेरी तेरे हवाले कर दी है माँ,
अम्बे माँ चरणों से लगाए रखना,
तू मेरी आन रखना….

चारो वेदो में तेरी महिमा का गान है,
ऋषि मुनियो को तूने दिया अब दान है,
भक्ति करू अब मैं तेरी माँ तू यही वरदान माँ,
अम्बे माँ दुर्गे माँ,
अपना बनाये रखना,
तू मेरी आन रखना,

हे जगदम्बे दयावान है तू करे भक्तों का कल्याण है तू,
निर्धन को करे धनवान तू निर्बल को करे बलवान है तू,
भक्ति में तेरी मेरा बीते समय परवान करो मेरी हज़ारियाँ,
तुझे सौंप दिया जीवन अपना तू जाने है मेरा हर सपना,
अब छाया है अँधियारा राहो पे करो माँ उजिआरा,
मेरी आन बाण तू शान है माँ मांगे अजीत तुम से एहि माँ,
अम्बे माँ दुर्गे माँ

झोली फैला कर मांगे तुझसे अजीत माँ,
प्यार तुम्हारा पाके बने जगजीत माँ,
सफल करो माँ मेरी ज़िंदगी के अरमान माँ,
अम्बे माँ दुर्गे माँ,अपना बनाये रखना,
तू मेरी आन रखना,

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