baghva me tu chadke aana kar sola shingaar ho

बघवा में तू चढ़के आना कर सोला शृंगार हो,
नवराति में दर्शन देना भगतो का करना बेडा पार हो,

नो दिन माँ के ज्योत जलाई माँ अम्बे ओ शारदे,
द्वीप लगाए धुप जलाये और चढ़ाये हार रे,
ढोल भजाये नगाड़ा भजाये और करे माँ आरती ,
नवराति में दर्शन देना भगतो का करना बेडा पार हो,

नो नो खप्पर होये जवारे पना तेरा भार सँवारे,
माँ जब नाचे झूम झूम के लट बिखराये काले काले,
मनसा सुर को मार गिराए नैन दिखाए लाल वो,
नवराति में दर्शन देना भगतो का करना बेडा पार हो,

पान सुपारी ध्वजा नारियल माँ तुम को भेट चढ़ाये,
हलवा पूरी और चना की मैया तुझको भोग लगाए,
हाथ उठा कर जैकारा लगाए गाये तेरा गुणगान हो,
नवराति में दर्शन देना भगतो का करना बेडा पार हो,

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