baith mere kol tenu tak di rwa tak di rwa muho kuch na kawa

बैठ मेरे कोल तैनू तक दी रवा,
तक दी रवा मुहो कुछ ना कहवा,

सतगुरु ने मैनु श्याम मिलाया,
श्याम मिलाया वृन्दावन च वसाया,
वृन्दावन विच मैं नचदी रवा,नचदी रवा,
मुहो कुछ ना कहवा,
बैठ…….

सब तो प्यारा सारे जग तो न्यारा,
दर तेरे उत्ते मैं नचदी रवा नचदी रवा,
मुहो कुछ ना कहवा,
बैठ…….

लोकी मैनु मारन ताने,
मेरे अपने होये बेगाने,
सब दी गल मैं सेहँदी रवा,सेहँदी रवा
मुहो कुछ ना कहवा
बैठ…….

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