bhar de re shyam jholi bhar de naa behlaao baato me

भर दे रे श्याम झोली भर दे भर दे,
ना बहलाओ बातों में….

दिन बीते, बीती रातें अपनी कितनी हुई रे मुलाकाते,
तुझे जाना पहचाना तेरे झुठे हुए रे सारे वादे,
भूले रे श्याम तुम तो भूले, भूले,
क्या रखा हैं वादों में,
भर दे रे……

नादान हैं अंजान हैं गुरु तू ही तो मेरा भगवान हैं,
तुझे चाहु तुझे पाऊ मेरे दिल का यही तो अरमान हैं,
पढ़ ले रे श्याम दिल की पढ़ ले,
सब लिख है आँखों में,
भर दे रे…….

मेरी नैया ओ कन्हियाँ पार कर दे तू बनके खिवैया,
मैं तो हारा गम के मारा आजा आजा ओ बंसी बजाइयाँ,
लेले रे श्याम अब तो लेले,
मेरे हाथ हाथो में,
भर दे रे….

तू है मेरा मैं हु तेरा मैंने डाला तेरे दर पे डेरा,
मुझे आस है विश्वाश है श्याम भर देगा दामन तू मेरा,
झूमे रे श्याम नंदू झूमे,
झूमे तेरी ही बाहो में,
भर दे रे….

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