bhole bm jai kaar lgata chal

सावन की रिम जिम बारिश में कंधे पे कावड़ ले के तू भर ले गंगा जल,
बोले बम भोले बोल बम बम बम भोले बम जय कार लगता चल भोले की जय कार लगता चल,

राह में कंकड़ मिले गे फिर भी न गबराना,
कितनी मुशीबत चाहे कष्ट हो बाबा के दर जाना,
मस्त मलंग तू हो न पगले बीत न जाये कल,
बोले बम भोले बोल बम बम बम….

सारे जग का भाग्ये विद्याता शिव भोला भंडारी,
इन से बढ़ कर कोई न दुनिया में पालनहारी,
शिव शम्भू जी विशव नाथ है नाम है उनका अटल,
बोले बम भोले बोल बम बम बम

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