bhole ji teri ek na maanugi tere silvata todu gi

भोले जी तेरी इक ना मानुगी तेरे सिलवटा तोडू गी,

पीहर ने मैं तो जाइ रही क्यों गोरा जिद पे आई रही,
मटकियां भांग की फोड़ू गी तेरे सिलवटा तोडू गी,

तुझे मेरो प्यार सतावेगा कौन भंगियाँ मुझे पिलावे जो,
साथ तेरा मैं न छोड़ू गी तेरे सिलवटा तोड़ी गी,
भोले जी तेरी एक न मानूगी,

भुला ले सतन खटाना ने मोया मन उसके गाना ने,
ना अड़ बाकी पकड़ मरोड़ू गी तेरे सिलवटा तोड़ी गी,
भोले जी तेरी एक न मानूगी,

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