bhole sabki sunte hai sawan ke mahine

भोले का डमरू शिव का त्रिशूला,
भोले ये का भक्ता राह है भुला,
सावन के महीने भोले सबकी सुनते है,
अपने भक्तो की मुरादे पूरी करते है,
भोले का डमरू शिव का त्रिशूला,

जाति पाति और ऊंची नीची का भेद भाव ना करके,
ईशाये सब पूरी कर के समय निभा हो को रख के,
जो भी आप को बेल चढ़ावे भंग धतूरा लावे,
ईशाये सब पूरी कर के जग में वो तर जावे,
सावन के महीने भोले सबकी सुनते है,
अपने भक्तो की मुरादे पूरी करते है,

भर खाली हल का मारी ये सब बहुत की माया है,
केवल बाबा भक्ति आप की मेरे मन की छाया है ,
जो भी आप का ध्यान लगावे पल भर में तर जावे,
ईशा ये सब मन में रख के जो दर पे आ जावे,
सावन के महीने भोले सबकी सुनते है,
अपने भक्तो की मुरादे पूरी करते है,

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