chal chaliye darabar bhagta chal chaliye

चल चलिये चल चलिये दरबार भगता चल चलिये.
करना है दीदार भगता चल चलिये,

जो भी माँ तेरे दर ते आवे,
भर भर झोलियाँ ओ ले जावे,
हुंडी है जय जय कार भगता चल चलिये,

सब न दे है कष्ट मिटावे,
भगता नु है गल नाल लावे,
लेना माँ दा प्यार,भगता चल चलिये
चल चलिये चल चलिये दरबार भगता चल चलिये,

लवली भी है तेरा दर ते आया,
ध्वजा नारियल नाल लै आया,
ओना है हर साल,भगता चल चलिये
चल चलिये चल चलिये दरबार भगता चल चलिये.

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