chintapurni de jana darbar

चिंतापुरनी दे जाना दरबार
माँ नु मिलने दी आई है बहार,
चिंतापुरनी दे जाना दरबार

सोहन महीना देखो कैसा आ गया,
मंदिरा दा रस्ता ओ समजा गया,
सोहन महीना देखो कैसा आ गया,
रिमझिम रिमझिम पेंदी है फुहार,
चिंतापुरनी दे जाना दरबार

सतरंगी पींग मैया झुला झूल दी,
मंदिरा च ज्योत माँ दी जग है रही
सतरंगी पींग मैया झुला झूल दी,
वेखेया न सुनेया माँ तेरा जो प्यार,
चिंतापुरनी दे जाना दरबार

भवना ते मोर देखो पेहला पाव दे,
गीत मैया जी तेरे नाच गाव दे,
भवना ते मोर देखो पेहला पाव दे,
दिन रात मंदिरा च हो रही जय जय कार
चिंतापुरनी दे जाना दरबार

बलवीर उते मैया मेहर करो.
शीश उते एहदे मैया हथ जी धरो
बलवीर उते मैया मेहर करो.
सत दीवाने जावे माँ दे बालिहार
चिंतापुरनी दे जाना दरबार

दुर्गा भजन

This Post Has 2 Comments

Leave a Reply