dwar maiya ke roj tum jate raho

द्वार मैया के रोज तुम आते रहो,
काम बिगड़े सभी तेरा सुधार जाएगा।
मन से मैया को गर पुकारो कभी,
जो खजाने है खाली वो भर जाएंगे।

अम्बे मैया की भक्ति है सबसे सरल जो किसी देव देवी में पाई नही।
कौन ऐसा अभागा है संसार मे जो की जगदम्बे की महिमा गाई नही।
सोचने में समय तेरा जाता रहा,
तो सुहाने ये पल भी गुज़र जाएंगे।

जिनके होठो पे अम्बे का उच्चार है।
उनके जीवन मे देखा चमत्कार है।
उनको के चरणों मे जा अब देरी न कर
वो ही दातार सच्चा मददगार है।
सबकी बिगड़ी बनाती है मैया सदा।
तेरे बिगड़ी को क्या के
वो मुकर जाएंगे।

दुर्गा भजन

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