esi chadi tere naam vali lali ke rang koi chadhda nhi

एसी चडी तेरे नाम वाली लाली के रंग कोई चढ़दा नही,
श्यामा तूने दिता जदों दा सहारा हे,
मेनू भूल गया श्यामा जग सारा है,
चडी मेनू तेरे नाम दी खुमारी के,
रंग कोई चढ़दा नही…

नही पता रंग पीला है या लाल है,
रंग जो भी है बड़ा कमाल है,
मैं ता अंग अंग रंगी गई सारी,
के रंग कोई चढ़दा नही..

तू मिलिया ते मिली खुदाई वे,
हाथ जोड़ा श्यामा पाई न जुदाई वे,
ख़ुशी एहो मेनू श्यामा बथेरी,
के रंग कोई चढ़दा नही…..

तेरे चरना च मथा जदों तेकिया,
दस्सा की की नजारा श्यामा देखियाँ,
मेरे अंग संग बांके बिहारी,
के रंग कोई चढ़दा नही….

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