govind mera hai gopal mera hai

गोविन्द मेरा है गोपाल मेरा है,
ये मुरली वाला दीं का दयाल मेरा है ,

मुझको कान्हा बड़ा ही प्यार करता है,
ये जो करता कोई न कर सकता है,
यही जाने मुझे पहचाने मुझे मेरे भावो को यही तो समझता है ,
हमदर्द मेरा है हमराज मेरा है ,
ये मुरली वाला दीं का दयाल मेरा है ,

जब कभी भी ये दिल उदास होता है,
मेरे दिल को ये अहसास होता है,
तेरा मालिक है ये प्रतिपालक है,
ये इस के रहते तू क्यों निराश होता है,
ये यार तेरा है ये आधार तेरा है,
ये मुरली वाला दीं का दयाल तेरा है,

मेरी लागि लगन नटखट से है मेरा कान्हा तो दुनिया से हट कर है,
बिन्नू जितना रीजा उतना आये मजा इसका प्रेमी न दर दर भटकता है ,
अनुराग मेरा है यही भाग्ये मेरा है,
ये मुरली वाला दीं का दयाल मेरा है ,

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