gyaaras ki raat hai waah waah kya baat hai

ग्यारस की रात है वाह वाह क्या बात है
चमक रहा सर पे चंदा रेहमत की बरसात है
ग्यारस की रात है

मन को चैन मिले दरबार तेरे में आके
रीझे प्रेमी तेरा बाबा तेरे भजन सुनाके
बाबा तेरा क्या ठाठ है कीर्तन की रात है
चमक रहा सर पे चंदा रेहमत की बरसात है
ग्यारस की रात है

हो जाऊं बाबा अर्पण तू स्वामी मेरा दर्पण
श्याम झुलाऊँ झूला हो जाए तेरा दर्शन
गल में बैजंती हार है मोरछड़ी तेरे हाथ है
चमक रहा सर पे चंदा रेहमत की बरसात है
ग्यारस की रात है

खाटू से पहचान है दिया शीश का दान है
तेरे धाम की मिटटी बाबा भक्तों की पहचान है
श्याम कुंड रास धार है होती मुलाकात है
चमक रहा सर पे चंदा रेहमत की बरसात है
ग्यारस की रात है

तेरी दया से बाबा ऐसा बना है नाता
जब भी मैं घबराता मेरे लिए तू आता
श्याम साजन का प्यार है बिखरे जज़्बात है
चमक रहा सर पे चंदा रेहमत की बरसात है
ग्यारस की रात है

Leave a Reply