haare ka saath nibhna padega

तुम खाटू नगरी से आना पड़ेगा भगतो की बिगड़ी बनाना पड़ेगा,
वचन जो बाबा तूने दिन था हारे का साथ निभाना पड़े गा.

लाखो की तूने बिगड़ी बनाई तुझको प्रभु न मेरी याद आई,
नीले पे चढ़ कर आना पड़ेगा भगतो की बिगड़ी बनाना पड़ेगा,
हारे का साथ निभाना पड़े गा

श्याम बिना मेरा कोई न अपना ये दुनिया है इक झूठा सपना,
चरणों में अपने बिठाना पड़ेगा भगतो की बिगड़ी बनाना पड़ेगा,
हारे का साथ निभाना पड़े गा

संजय अमन का बस यही कहना खाटू नगरी से दूर नहीं रहना,
हर ग्यारस पे बुलाना पड़ेगा भगतो की बिगड़ी बनाना पड़ेगा,
हारे का साथ निभाना पड़े गा

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