he gajmukh ganpat gannayak karte hai hum sab teri vandana

हे गजमुख गनपत गणनायक,
करते हैं हम सब तेरी वंदना,
तेरे दर पे झोली फैलाये खड़े,
पूरी करो अब हर एक कामना,
हे गजमुख गनपत गणनायक……

हे गोरी सूत है शिव नंदन,
आओ तुम्हारा है अभीनंदन,
देवों मई हो प्रथम पूज्य तुम,
तुम को प्रभु है प्रथम निमंत्रण,
कारज पुरे कर दो सारे,

मंगलमई है है सुखाकरी,
तुमको पूजे दुनिया सारी,
हे रिधि सीधी के स्वामी,
देखके हम सब राह तिहारी,
तेरी किरपा जो हो जाए ताऊ,
विघ्नों से ना हो फिर सामना,
हे गजमुख गनपत गणनायक…..

लाडू का तुमे भोग लगाये,
पान सुपारी भेंट चदाये,
सुंदर छवि है गजमुख धरी,
वाहन मूषक तुम को भये,
तुम को लगें भक्त वो प्यारे हैं,
हे गजमुख गनपत गणनायक…..

गणेश भजन

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