ik din chad jaana

इक्क दिन छड्ड जाना दुनिया दे रंगीले भाग नु,
गठ बन ले तू बन्देया सत्गुरा दी इस बात नु,
इक्क दिन छड्ड जाना …..

धुप ढले हनेरा छाये रोज तुझे सम्जाये,
अखियाँ मुंदे बेठा बंदे एह हो समजे ना आये,
इक्क दिन छड्ड जाना …..

कली खिल कर फूल जे बन्दी फूल खिल के कुम्लाये,
भाग रहवे वेसे दा वेसा एक आये एक जाए,
इक्क दिन छड्ड जाना

जदों तक तेल रहवे दीवे विच जलदी रेह्न्दी बात,
जदों तेल ने खत्म हो जाना भुज जानी ऐ बाती,
इक्क दिन छड्ड जाना …

एक सराए दुनिया सारी किसदा इथे ठिकाना,
रहन बसेरा जींदडी तेरी एक दिन तू तुर जान,
इक्क दिन छड्ड जाना…

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