jab se ghanshyam is dil me aane lage

जब से घनश्याम इस दिल में आने लगे,
क्या कहे रंग क्या क्या दिखाने लगे,
जब से घनश्याम इस दिल में आने लगे,

आये युही इक दिन टेहलते हुए,
कुछ जीजक के कुछ सम्भल ते हुए,
चुपके चुपके से दिल लेके चलते हुए,
मैंने पकड़ा जो बाहर निकल ते हुए,
मोहनी गाल पर मुश्कुराने लगे,
क्या कहे रंग क्या क्या दिखाने लगे,
जब से घनश्याम इस दिल में आने लगे,

इक दिन खाव्ब में ही खड़े आप है,
दिल उड़ाने की धुन में अड़े आप है,
मैं ये बोला के हजरत बड़े आप है,
क्यों मेरे दिल के पीछे पड़े आप है,
चोट चितवन की चित पर चलाने लगे,
क्या कहे रंग क्या क्या दिखाने लगे,
जब से घनश्याम इस दिल में आने लगे,

इक दिन आप आये तो इस दौर से,
दर्दे दिल बन के दिल में उठे जोर से,
मैंने देखा उन्हें जब बड़े गौर से,
बाग़ ने फिर न पाए किसी और से,
बन गाये बिंदु आँखों से जाने लगे,
क्या कहे रंग क्या क्या दिखाने लगे,
जब से घनश्याम इस दिल में आने लगे,

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