jhalar sankh nagada bhaaje re jhunjhnu ke mandir me sati maat viraaje re

झालर संख नगाडा भाजे रे झुंझनू के मंदिर में सती मात विराजे रे,
सती मात विराजे रे महारी दादी विराजे रे,

भारत राजस्थान में जी झुंझार एक धाम,
सूरज शामी बना देवरो दादी जो अस्थान,
थे लाल ध्वजा लहरावे से,
झुंझनू के मंदिर में सती मात विराजे रे

दादी अमावश भरे है मेलो भीड़ लगे आती भरी,
नर नारी थारा दर्शन करने आवे भारी भारी,
थारे जात झडूला लागे रे,
झुंझनू के मंदिर में सती मात विराजे रे

झुँझन वाली रानी सती को धरो हमेशा ध्यान,
भेटा टाबरियां तासु मानगा भक्ति को वरदान,
दादी अटको काम बनावे रे,
झुंझनू के मंदिर में सती मात विराजे रे

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