jholi bharegi maaiya jholi bharegi dar pe tu aaja esi kirpa karegi

दर पे तू आजा ऐसी किरपा करेगी,
झोली भरेगी मियां झोली भरेगी,

माँ के जैसा कोई नहीं है,
माँ के भगतो स्वर्ग यही है,
मैया के नाम की मस्ती चढ़े गी,
झोली भरेगी मियां झोली भरेगी,

खुशियों के भंगार है भर्ती,
सारे जग की माँ चिंता है हरती,
तेरे भी सारे अम्बे दुखड़े हरे गी,
झोली भरेगी मियां झोली भरेगी,

राजू भी हरिपुरियाँ है कहंदा,
पंकज मैया के चरणों में रहता,
जपले तू माँ का नाम संकट हरे गी,
झोली भरेगी मियां झोली भरेगी,

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