jhulo daalo kadam ki daar aai sawan ki jhula bahaar

झुलो डालो कदम्ब की डार आई सावन की झुला बहार
राणा सग श्री शयाम झुले झुलन चाली सब बज की नारी
हिलमिल झुले राजा मोहन पठ रेशम की है डोरन
हौले हौले पेग बढावे राघा देखौ दिल घमकाने
झोटा देवे बिरज की नारी
झुलो डालयो बज की नार

घनघोर घटा है छाई सावरिया की रितु है आई
घननननन बादल गरजे मेघा देखो खुब बरसे
भिझ गई सब बज की नारी,
झुलो डालयो बज की नार

दादुर मोर कोरिया काली शशीशशी देखे लीला नयारी
रिमझिम रिमझिम मेघा बरसे कुकुर कोयल बोले
नाचे मोर पैदा आज
झुलो डालयो बज की नार

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