jhunjhunu ki sethani nihaal kar si maang le dadi se malamal kar si

झुंझनू की सेठानी निहाल कर सी,
मांग ले दादी से मालामाल कर सी,
जय दादी की जय दादी की,

जग से जो मांगे जग नट जावे गो,
दादी जी से मांग काम पट जावे गो,
तेरी तकलीफ में ख्याल कर सी,
मांग ले दादी से मालामाल कर सी…..

सुख में जो दादी जी को नाम गावे है,
दुःख में दादी जी झट दौड़ी आवे है,
बुरे वक़्त में माँ समबाल कर सी,
मांग ले दादी से मालामाल कर सी………

बस थोड़ो मन में तू धीर धार ले,
सूरज इक बार दादी ने पुकार ले,
आज नहीं मैया तो काल कर सी,
मांग ले दादी से मालामाल कर सी,

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