jind meriye tu eve na gaaraya kar

जिन्द मेरिए, जिन्द मेरिए ll
तू ऐंवें न घबराया कर,
गुरूजी दा ध्यान लगाया कर l
जद कुझ वी नज़र न आवे ते ll,
नज़राँ उस वल घुमाया कर,
जिन्द मेरिए, जिन्द मेरिए ll

ओ सब ते मेहराँ करदा ए,
साडी वी आस पुजाएगा l
ओ सब दे संकट हरदा ए,
साडी विपदा वी मिटाएगा l
ओ सब दियाँ झोलियाँ भरदा ए ll,
सानूँ फिर क्यों ठुकराएगा,
जिन्द मेरिए, जिन्द मेरिए ll

भुल्लेयाँ दियाँ भुल्लाँ माफ़ करे,
गुण-अवगुण चेते ल्याँदा नइँ l
करदा न किसे नूँ शरमिन्दा,
सुख दे के कदे सुणाँदा नइँ l
जग तों वखरा लजपाल वे ओ ll,
बाँह फड़ के कदे छुड़ाँदा नइँ,
जिन्द मेरिए, जिन्द मेरिए ll

जद याद कराँ ‘साहिल’ उस नूँ ,
दिल विच इक नूर समा जाँदा l
जद बन्द कराँ पट अखियाँ दे,
दरशन दी ज्योत जगा जाँदा l
अपणी संगताँ नाल कीता होया ll,
अपणा हर वचन निभा जाँदा,
जिन्द मेरिए, जिन्द मेरिए ll

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