jo sabka malik hai bhagwan mila dhanvaan mila mil geya hai sai shirdi me

भगवन मिला धनवान मिला,
मिल गया है साई शिरडी में,
जो सबका मालिक है जो सबका मालिक है,
हर जन जन में हर कण कण में रम गया है साई शिरडी में,
जो सबका मालिक है जो सबका मालिक है,

बैठा है साई देखो नीम के निचे आते जाते रोगी हकीम के निचे,
दुआओ से अंधो को आंख मिल गई मुरझाये कली अपने आप खिल गई,
जो आके छूटे है प्रभु के पावो को देख के झूमे वो भरे हर गाओ को,
सत्कार करे उपकार करे वो दीप चलाये घर घर में,
जो सबका मालिक है…………

शरधा सबुरी सन्देश उनका जैसे फकीरी का वेश उनका,
मिश्री सा मीठा है नाम साई का देना सहारा है काम साई का,
जो दर पे आते है साई जैकार करते,
मिटा के भेद भाव को सभी से प्यार करते,
मंगल कारी पीड़ा हारी बस गया है वो सबके मन में,
जो सबका मालिक है…………

Leave a Reply