kaha yaa chupe ho mera dil tod ke tere charno me ayaa sara jag chod ke

कान्हा रे कान्हा रे कान्हा ॥
कान्हा रे कान्हा रे कान्हा ॥

कहा या छुपे हो मेरा दिल तोड़ के,
तेरे चरनो मे आया सारा जग छोड़ के,
कान्हा रे कान्हा रे कान्हा ॥

तुज बिन चैन ना आये मोहन सारी रेन बिताये नींद ना आये रे,
कहा जा छिपे हो मेरा दिल तोड़ के,
तेरे चरणों में आया सारा जग छोड़ के,
कान्हा रे कान्हा रे कान्हा ॥

याद सताये पल पल बाबा मनवा धीर गवाए पीर बंधाये रे,
कहा जा छिपे हो मेरा दिल तोड़ के,
तेरे चरणों में आया सारा जग छोड़ के,
कान्हा रे कान्हा रे कान्हा ॥

दिल में दर्द उठा है प्यारे अखियाँ भर भर आये नीर भहाये रे,
कहा जा छिपे हो मेरा दिल तोड़ के,
तेरे चरणों में आया सारा जग छोड़ के,
कान्हा रे कान्हा रे कान्हा ॥

पप्पू शर्मा बात निहारे कब तू धीर बंधाये गले लगाये रे,
कहा जा छिपे हो मेरा दिल तोड़ के,
तेरे चरणों में आया सारा जग छोड़ के,
कान्हा रे कान्हा रे कान्हा ॥

Leave a Reply