kare bhgat ho arati maai doi viriyan

करे भगत हो आरती मई दोई विरिया,

सोने के लोटा गंगा जल पानी माई दोही बिरहा,
अतर चढ़े दो दो शीशियाँ मई दोई विरिया,
करे भगत हो आरती मई दोई विरिया,

लाये नन्द मन से फुलवा माई दोई बिरहा,
हार बनाये चुन चुन कलियाँ मई दोई विरिया,
करे भगत हो आरती मई दोई विरिया,

पान सुपारी मैया ध्वजा नारियल दोई बिरहा,
धुप कपूर चढ़ी चुनियाँ मई दोई विरिया,
करे भगत हो आरती मई दोई विरिया,

लाल बरन शृंगार करे माई दोई विरहा,
मेवा खीर सजी थरियाँ मई दोई विरिया,
करे भगत हो आरती मई दोई विरिया,

पांच भगत मिल यश तेरे गावे मई दोई विरिया,
गोपुटेश्वर की पीड़ हरो मई दोई विरिया,
काटो विपत की भाई जरियाँ मई दोई विरिया,
करे भगत हो आरती मई दोई विरिया,

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